Faridoon Shahryar's Blog


Saturday, March 21, 2020

Qahar

Qahar ye kaisa naazil hua hai, aankhon se neend khafa hai, khwaab tadap rahe hain, bus unka marna baaqi hai

#FaridoonShahryar

Tuesday, March 10, 2020

अनाथ रात

अनाथ रात
फ़रिदून शहरयार की नज़्म 

खौफ़ में लिपटी बदहवास रात 
चीखों से गूंजती अनाथ रात
दहशतगर्द हैं सड़कों की रोनक़
लहू में नहाई खौफ़नाक रात 
अंधेरा है हद ए निगाह के भी आगे
नारों की जंग है ये डर की रात
सवेरे पर पहरा लगाए बैठा है जानवर 
जोश ए जुनून के सहारे है लाचार रात
उजालों से गुरेज़ है इक हुक्मरान को
नाकामी के तख्त पर है आवारा रात

Jahan pahra na ho

Thursday, March 5, 2020

Zaher

Fiza mein zaher ki miqdaar kuch badhi hai
Farq bus itna hai, ye zeher achcha hai

Wednesday, February 12, 2020

शक ना करो

शक ना करो 
फ़रीदून शहरयार की नज़्म 

सर्द हवा ने कहा 
इस रात को ढल जाने दो
बस दो तीन पहर 
गुज़र जाने दो 
शक ना करो 

थोड़ी ही तो तकलीफ़ है
ख़ुशनुमा सुबह होगी 
जन्नत सा समा होगा 
पूरे होंगे सारे अरमां 
शक ना करो 

बर्फ़ की तहें जमी हैं
सांसों की लौ मद्द्धम हो चली है
आंखों के आइने में
ख़्वाबों को दफ़न होते देखा 
फ़िर वही आवाज़ गूंजती है
सूरज भेस बदल के आया है
तपिश को महसूस करो 
शक ना करो

Salaam

चमचों का चौधरी, हुक्म का ग़ुलाम है
सुबह शाम बस नफ़रत के सौदागर को सलाम है
#FaridoonShahryar